29-अप्रैल-2013 12:57 IST
डी पुरनदेश्वरी ने वियतनामी नेताओं से बातचीत की
वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री डॉक्टर डी पुरनदेश्वरी ने वियतनाम में कल और आज विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। हो ची मिन्ह शहर में उन्होंने भारतीय और वियतनामी उद्यमियों को संबोधित किया। इस बैठक में वियतनाम में भारत के राजदूत श्री रंजीत राय और 40 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
वियतनाम के डक लेक प्रांत में डॉक्टर डी पुरनदेश्वरी ने इंस्टैंट कॉफी संयंत्र का उद्घाटन किया। इसे सीसीएल प्रोडक्स इंडिया लिमिटेड ने तीन सौ करोड़ रूपये की लागत से स्थापित किया है। उद्घाटन समारोह में वियतनाम में भारत के राजदूत सहित वियतनाम के वेस्टर्न हाइलैंड की संचालन समिति की उप-प्रमुख श्री त्रि जुआन होआ, डक लेक प्रांत की पीपुल्स कमेटी की उपाध्यक्ष माई हुआन, कु क्वीन जिला समिति के उपाध्यक्ष एन गुवेन नामचुंग और अन्य वियतनामी नेता मौजूद थे। सीसीएल प्रोडक्ट्स इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री चल्ला राजेन्द्र प्रसाद और एन गुआन कॉफी कंपनी के अध्यक्ष सहित कई भारतीय वियतनामी और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि उपस्थित थे।
डॉक्टर डी पुरनदेश्वरी ने व्यापार और निवेश के परस्पर हित के मामलों पर वियतनामी नेताओं से बातचीत की। बातचीत में भारत की ओर से श्री रंजीत राय के अलावा वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ तथा अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। (PIB)वि.कासोटिया/गांधी/सोनिका-2075
राष्ट्र को समर्पित विशेष मंच--आपका भी स्वागत है - medialink32@gmail.com//WhatsApp-+91 99153 22407
Monday, April 29, 2013
Monday, March 25, 2013
पेरिस में समलैंगिक विवाहों पर विरोध
समलैंगिक विवाहों के खिलाफ निकाला जुलूस
फ़्रांस के कोने-कोने से राजधानी आए हज़ारों लोगों ने कल समलैंगिक विवाहों के खिलाफ जुलूस निकाला| फरवरी के मध्य में देश की संसद के निचले सदन ने ऐसा विधेयक पास कर दिया है जिसके अंतर्गत समलैंगिक विवाहों को अब कानूनी मान्यता मिल जाएगी और इस प्रकार बने परिवार बच्चों को गोद ले सकेंगे| अप्रैल के मध्य में ऊपरी सदन में इस विधेयक पर विचार होगा| इस जुलूस के आयोजकों ने अपनी अपील में कहा है: “हम फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति का आह्वान करते हैं कि वह इस विधेयक को वापिस बुला लें| यह विधेयक प्राकृतिक रिश्तों को अस्वीकार करता है और इस तरह समाज की जड़ खोदता है| इसका नतीजा यह होगा कि आर्थिक, सामाजिक और नैतिक समस्याएँ पैदा होंगी|”
फ़्रांस के कोने-कोने से राजधानी आए हज़ारों लोगों ने कल समलैंगिक विवाहों के खिलाफ जुलूस निकाला| फरवरी के मध्य में देश की संसद के निचले सदन ने ऐसा विधेयक पास कर दिया है जिसके अंतर्गत समलैंगिक विवाहों को अब कानूनी मान्यता मिल जाएगी और इस प्रकार बने परिवार बच्चों को गोद ले सकेंगे| अप्रैल के मध्य में ऊपरी सदन में इस विधेयक पर विचार होगा| इस जुलूस के आयोजकों ने अपनी अपील में कहा है: “हम फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति का आह्वान करते हैं कि वह इस विधेयक को वापिस बुला लें| यह विधेयक प्राकृतिक रिश्तों को अस्वीकार करता है और इस तरह समाज की जड़ खोदता है| इसका नतीजा यह होगा कि आर्थिक, सामाजिक और नैतिक समस्याएँ पैदा होंगी|”
Thursday, February 28, 2013
डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए 532 करोड़ रुपये
28-फरवरी-2013 15:19 IST
राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
वित्त मंत्री श्री पी चिदंबरम ने आज लोकसभा में वर्ष 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान वर्ष में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान 50 करोड़ रुपये के सामान्य आवंटन के साथ आरंभ किया गया था। पंचायती राज संस्थाओं में क्षमता निर्माण की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2013-14 में पंचायती राज मंत्रालय के लिए 455 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया गया है। श्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने 4,909 करोड़ रुपये की लागत पर डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी प्रेरित महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। डाकघर बुनियादी बैंकिंग समाधान का हिस्सा बन जाएंगे और साथ-साथ बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान करेंगे। वित्त मंत्री ने 2013-14 में इस परियोजना के लिए 532 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गदर आंदोलन की शताब्दी मनाने के लिए सरकार सेन-फ्रांसिस्को में गदर स्मारक को संग्रहालय एवं पुस्तकालय में बदलने के लिए धनराशि देगी। (PIB)
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मीणा/राजगोपाल/प्रदीप/ सुधीर/संजीव/इन्द्रपाल/बिष्ट/ शदीद/सुनील/शौकत/मनोज- 772
राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
वित्त मंत्री श्री पी चिदंबरम ने आज लोकसभा में वर्ष 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान वर्ष में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान 50 करोड़ रुपये के सामान्य आवंटन के साथ आरंभ किया गया था। पंचायती राज संस्थाओं में क्षमता निर्माण की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2013-14 में पंचायती राज मंत्रालय के लिए 455 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया गया है। श्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने 4,909 करोड़ रुपये की लागत पर डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी प्रेरित महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। डाकघर बुनियादी बैंकिंग समाधान का हिस्सा बन जाएंगे और साथ-साथ बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान करेंगे। वित्त मंत्री ने 2013-14 में इस परियोजना के लिए 532 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गदर आंदोलन की शताब्दी मनाने के लिए सरकार सेन-फ्रांसिस्को में गदर स्मारक को संग्रहालय एवं पुस्तकालय में बदलने के लिए धनराशि देगी। (PIB)
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मीणा/राजगोपाल/प्रदीप/ सुधीर/संजीव/इन्द्रपाल/बिष्ट/ शदीद/सुनील/शौकत/मनोज- 772
Friday, February 22, 2013
एड्स जागरूकता के लिए रेड रिबन एक्सप्रेस
22-फरवरी-2013 14:27 IST
23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर 1.14 करोड़ लोगों को किया जागरूक
रेड रिब्बन एक्सप्रेस के तृतीय चरण की शुरूआत 12-1-2012 को की गयी थी। तब से प्रदर्शनी वाली इस रेल गाड़ी ने 23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर ठहरकर 1.14 करोड़ लोगों को एड्स के खिलाफ जागरूक किया है। रेलगाड़ी पर चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्देश्य एड्स के खिलाफ चौकसी बरतने और इससे बचने के उपायों का प्रचार करना, एड्स मरीजों के प्रति भेदभाव न करने और इस बीमारी के बारे में जागरुकता बढ़ाना है।
प्रथम चरण के दौरान 62 लाख लोगों ने यह प्रदर्शनी देखी, 68 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया, जो इस बीमारी बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। 57 हजार से ज्यादा लोगों को एचआईवी के बारे में सलाह दी गई। यह जानकारी आज लोक सभा में स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री एस. गांधीसेल्वन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (PIB)
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मीणा/शुक्ल/ संजना- 683
23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर 1.14 करोड़ लोगों को किया जागरूक
| File Photo Punjab Screen |
प्रथम चरण के दौरान 62 लाख लोगों ने यह प्रदर्शनी देखी, 68 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया, जो इस बीमारी बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। 57 हजार से ज्यादा लोगों को एचआईवी के बारे में सलाह दी गई। यह जानकारी आज लोक सभा में स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री एस. गांधीसेल्वन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (PIB)
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मीणा/शुक्ल/ संजना- 683
Saturday, February 16, 2013
Thursday, February 7, 2013
संसद के बजट सत्र
पंद्रहवीं लोकसभा के तेरहवें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत और अवधि
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| Courtesy Photo |
पंद्रहवीं लोक सभा के 13वें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत 21 फरवरी 2013, गुरुवार से होगी और सरकारी कामकाज की अनिवार्यताओं के अध्याधीन 10 मई 2013, शुक्रवार को इस सत्र के समापन की संभावना है।
राष्ट्रपति 21 फरवरी 2013, गुरुवार को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रुप से नई दिल्ली स्थित संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में सुबह 11 बजे संबोधित करेंगे।
मंत्रालयों/विभागों के अनुदान की मांगों पर स्थायी समिति द्वारा विचार और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 मार्च 2013 को दोनों सदनों को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा और 22 अप्रैल 2013 को सदन का सत्र पुनः आरंभ होगा। (PIB)
वि.कासोटिया/सुधीर पी. /विजयलक्ष्मी – 469
संसद के बजट सत्र
Sunday, February 3, 2013
भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
01-फरवरी-2013 15:23 IST
दो फ्रिगेट 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत रक्षा पर विशेष लेख
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान *हामिद हुसैन
भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय मुख्यालय (एनई) की स्थापना तथा 8 सीजी स्टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्य में तटरक्षक अकादमी की स्थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्यालय, 12 जिला मुख्यालय, 42 स्टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्तार किया है।
बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्थलों पर इलेक्ट्रो ऑप्टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्य क्षेत्र में, 6 लक्ष्यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्सा बचाव किए गए।
भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्च स्तरीय बैठक जापान के टोक्यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्तूबर, 2012 में नई दिल्ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, भारत-पाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका)
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
मीणा/आनंद/लक्ष्मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013
दो फ्रिगेट 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत रक्षा पर विशेष लेख
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान *हामिद हुसैन
भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय मुख्यालय (एनई) की स्थापना तथा 8 सीजी स्टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्य में तटरक्षक अकादमी की स्थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्यालय, 12 जिला मुख्यालय, 42 स्टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्तार किया है।
बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्थलों पर इलेक्ट्रो ऑप्टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्य क्षेत्र में, 6 लक्ष्यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्सा बचाव किए गए।
भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्च स्तरीय बैठक जापान के टोक्यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्तूबर, 2012 में नई दिल्ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, भारत-पाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका)
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
मीणा/आनंद/लक्ष्मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013
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