समलैंगिक विवाहों के खिलाफ निकाला जुलूस
फ़्रांस के कोने-कोने से राजधानी आए हज़ारों लोगों ने कल समलैंगिक विवाहों के खिलाफ जुलूस निकाला| फरवरी के मध्य में देश की संसद के निचले सदन ने ऐसा विधेयक पास कर दिया है जिसके अंतर्गत समलैंगिक विवाहों को अब कानूनी मान्यता मिल जाएगी और इस प्रकार बने परिवार बच्चों को गोद ले सकेंगे| अप्रैल के मध्य में ऊपरी सदन में इस विधेयक पर विचार होगा| इस जुलूस के आयोजकों ने अपनी अपील में कहा है: “हम फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति का आह्वान करते हैं कि वह इस विधेयक को वापिस बुला लें| यह विधेयक प्राकृतिक रिश्तों को अस्वीकार करता है और इस तरह समाज की जड़ खोदता है| इसका नतीजा यह होगा कि आर्थिक, सामाजिक और नैतिक समस्याएँ पैदा होंगी|”
राष्ट्र को समर्पित विशेष मंच--आपका भी स्वागत है - medialink32@gmail.com//WhatsApp-+91 99153 22407
Monday, March 25, 2013
Thursday, February 28, 2013
डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए 532 करोड़ रुपये
28-फरवरी-2013 15:19 IST
राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
वित्त मंत्री श्री पी चिदंबरम ने आज लोकसभा में वर्ष 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान वर्ष में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान 50 करोड़ रुपये के सामान्य आवंटन के साथ आरंभ किया गया था। पंचायती राज संस्थाओं में क्षमता निर्माण की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2013-14 में पंचायती राज मंत्रालय के लिए 455 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया गया है। श्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने 4,909 करोड़ रुपये की लागत पर डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी प्रेरित महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। डाकघर बुनियादी बैंकिंग समाधान का हिस्सा बन जाएंगे और साथ-साथ बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान करेंगे। वित्त मंत्री ने 2013-14 में इस परियोजना के लिए 532 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गदर आंदोलन की शताब्दी मनाने के लिए सरकार सेन-फ्रांसिस्को में गदर स्मारक को संग्रहालय एवं पुस्तकालय में बदलने के लिए धनराशि देगी। (PIB)
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मीणा/राजगोपाल/प्रदीप/ सुधीर/संजीव/इन्द्रपाल/बिष्ट/ शदीद/सुनील/शौकत/मनोज- 772
राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
वित्त मंत्री श्री पी चिदंबरम ने आज लोकसभा में वर्ष 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान वर्ष में राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान 50 करोड़ रुपये के सामान्य आवंटन के साथ आरंभ किया गया था। पंचायती राज संस्थाओं में क्षमता निर्माण की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2013-14 में पंचायती राज मंत्रालय के लिए 455 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया गया है। श्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने 4,909 करोड़ रुपये की लागत पर डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी प्रेरित महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। डाकघर बुनियादी बैंकिंग समाधान का हिस्सा बन जाएंगे और साथ-साथ बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान करेंगे। वित्त मंत्री ने 2013-14 में इस परियोजना के लिए 532 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गदर आंदोलन की शताब्दी मनाने के लिए सरकार सेन-फ्रांसिस्को में गदर स्मारक को संग्रहालय एवं पुस्तकालय में बदलने के लिए धनराशि देगी। (PIB)
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मीणा/राजगोपाल/प्रदीप/ सुधीर/संजीव/इन्द्रपाल/बिष्ट/ शदीद/सुनील/शौकत/मनोज- 772
Friday, February 22, 2013
एड्स जागरूकता के लिए रेड रिबन एक्सप्रेस
22-फरवरी-2013 14:27 IST
23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर 1.14 करोड़ लोगों को किया जागरूक
रेड रिब्बन एक्सप्रेस के तृतीय चरण की शुरूआत 12-1-2012 को की गयी थी। तब से प्रदर्शनी वाली इस रेल गाड़ी ने 23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर ठहरकर 1.14 करोड़ लोगों को एड्स के खिलाफ जागरूक किया है। रेलगाड़ी पर चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्देश्य एड्स के खिलाफ चौकसी बरतने और इससे बचने के उपायों का प्रचार करना, एड्स मरीजों के प्रति भेदभाव न करने और इस बीमारी के बारे में जागरुकता बढ़ाना है।
प्रथम चरण के दौरान 62 लाख लोगों ने यह प्रदर्शनी देखी, 68 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया, जो इस बीमारी बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। 57 हजार से ज्यादा लोगों को एचआईवी के बारे में सलाह दी गई। यह जानकारी आज लोक सभा में स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री एस. गांधीसेल्वन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (PIB)
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मीणा/शुक्ल/ संजना- 683
23 राज्यों में 162 स्टेशनों पर 1.14 करोड़ लोगों को किया जागरूक
| File Photo Punjab Screen |
प्रथम चरण के दौरान 62 लाख लोगों ने यह प्रदर्शनी देखी, 68 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया, जो इस बीमारी बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। 57 हजार से ज्यादा लोगों को एचआईवी के बारे में सलाह दी गई। यह जानकारी आज लोक सभा में स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री एस. गांधीसेल्वन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। (PIB)
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मीणा/शुक्ल/ संजना- 683
Saturday, February 16, 2013
Thursday, February 7, 2013
संसद के बजट सत्र
पंद्रहवीं लोकसभा के तेरहवें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत और अवधि
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| Courtesy Photo |
पंद्रहवीं लोक सभा के 13वें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत 21 फरवरी 2013, गुरुवार से होगी और सरकारी कामकाज की अनिवार्यताओं के अध्याधीन 10 मई 2013, शुक्रवार को इस सत्र के समापन की संभावना है।
राष्ट्रपति 21 फरवरी 2013, गुरुवार को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रुप से नई दिल्ली स्थित संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में सुबह 11 बजे संबोधित करेंगे।
मंत्रालयों/विभागों के अनुदान की मांगों पर स्थायी समिति द्वारा विचार और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 मार्च 2013 को दोनों सदनों को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा और 22 अप्रैल 2013 को सदन का सत्र पुनः आरंभ होगा। (PIB)
वि.कासोटिया/सुधीर पी. /विजयलक्ष्मी – 469
संसद के बजट सत्र
Sunday, February 3, 2013
भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
01-फरवरी-2013 15:23 IST
दो फ्रिगेट 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत रक्षा पर विशेष लेख
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान *हामिद हुसैन
भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय मुख्यालय (एनई) की स्थापना तथा 8 सीजी स्टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्य में तटरक्षक अकादमी की स्थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्यालय, 12 जिला मुख्यालय, 42 स्टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्तार किया है।
बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्थलों पर इलेक्ट्रो ऑप्टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्य क्षेत्र में, 6 लक्ष्यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्सा बचाव किए गए।
भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्च स्तरीय बैठक जापान के टोक्यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्तूबर, 2012 में नई दिल्ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, भारत-पाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका)
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
मीणा/आनंद/लक्ष्मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013
दो फ्रिगेट 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत रक्षा पर विशेष लेख
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान *हामिद हुसैन
भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय मुख्यालय (एनई) की स्थापना तथा 8 सीजी स्टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्य में तटरक्षक अकादमी की स्थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्यालय, 12 जिला मुख्यालय, 42 स्टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्तार किया है।
बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्थलों पर इलेक्ट्रो ऑप्टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्य क्षेत्र में, 6 लक्ष्यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्सा बचाव किए गए।
भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्च स्तरीय बैठक जापान के टोक्यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्तूबर, 2012 में नई दिल्ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, भारत-पाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका)
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
मीणा/आनंद/लक्ष्मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013
Wednesday, January 9, 2013
प्रधानमंत्री की प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद की बैठक
उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों के ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाना
विश्वभर से 13 प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों ने लिया भाग
प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद की बैठक कल कोच्चि में हुई। विश्वभर से 13 प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों ने इसमें भाग लिया। बैठक में प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री श्री वायलार रवि, वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री आनंद शर्मा, विदेश मंत्री श्री सलमान खुर्शीद, मानव संसाधन मंत्री श्री एम.एम. पल्लम राजू, योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर मोंटेक सिंह आहलुवालिया और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में जिन प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया, उनमें श्री करण एफ. बिलीमोरिया, श्री स्वदेश चटर्जी, सुश्री इला गांधी, लॉर्ड खालिद हमीद, डॉक्टर रेणु खाटोर, श्री किशोर मधुबनी, श्री एल.एन. मित्तल, लॉर्ड भीखु छोटालाल पारेख, श्री सैमपितरोदा, तान श्री दातो अजीत सिंह, श्री नेविले जोसफ रोस, प्रोफेसर श्रीनिवास एस.आर.वर्धन और श्री युसूफाली एम.ए. शामिल थे।
बैठक में प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और भारत पर होने वाले उनके प्रभावों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। इनमें वैश्विक आर्थिक स्थिति, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की घटनाएं, ऊर्जा सुरक्षा और एशिया प्रशांत क्षेत्र में प्रवृत्तियां जैसे मुद्दे शामिल थे। सदस्यों ने भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच तथा भारत और विभिन्न देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के बारे में भी अपने विचार प्रस्तुत किये।
प्रधानमंत्री ने उनके दृष्टिकोण और रचनात्मक सुझावों के लिए सदस्यों का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री की प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद का गठन वर्ष 2009 में हुआ था और हर साल इसकी बैठक होती है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में फैले विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों के ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाना है, ताकि भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच सम्पर्कों के लिए व्यापक एजेंडा तैयार किया जा सके।(PIB) 09-जनवरी-2013 12:52 IST
विश्वभर से 13 प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों ने लिया भाग

प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद की बैठक कल कोच्चि में हुई। विश्वभर से 13 प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों ने इसमें भाग लिया। बैठक में प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री श्री वायलार रवि, वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री आनंद शर्मा, विदेश मंत्री श्री सलमान खुर्शीद, मानव संसाधन मंत्री श्री एम.एम. पल्लम राजू, योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर मोंटेक सिंह आहलुवालिया और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में जिन प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया, उनमें श्री करण एफ. बिलीमोरिया, श्री स्वदेश चटर्जी, सुश्री इला गांधी, लॉर्ड खालिद हमीद, डॉक्टर रेणु खाटोर, श्री किशोर मधुबनी, श्री एल.एन. मित्तल, लॉर्ड भीखु छोटालाल पारेख, श्री सैमपितरोदा, तान श्री दातो अजीत सिंह, श्री नेविले जोसफ रोस, प्रोफेसर श्रीनिवास एस.आर.वर्धन और श्री युसूफाली एम.ए. शामिल थे।
बैठक में प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और भारत पर होने वाले उनके प्रभावों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। इनमें वैश्विक आर्थिक स्थिति, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की घटनाएं, ऊर्जा सुरक्षा और एशिया प्रशांत क्षेत्र में प्रवृत्तियां जैसे मुद्दे शामिल थे। सदस्यों ने भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच तथा भारत और विभिन्न देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के बारे में भी अपने विचार प्रस्तुत किये।
प्रधानमंत्री ने उनके दृष्टिकोण और रचनात्मक सुझावों के लिए सदस्यों का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री की प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद का गठन वर्ष 2009 में हुआ था और हर साल इसकी बैठक होती है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में फैले विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध प्रवासी भारतीयों के ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाना है, ताकि भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच सम्पर्कों के लिए व्यापक एजेंडा तैयार किया जा सके।(PIB) 09-जनवरी-2013 12:52 IST
कोच्चि में प्रवासी वैश्विक सलाहकार परिषद की बैठक
मीणा/राजगोपाल/गीता-97
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